CHURCH AT EL-SHADDAIR.K. Puram · Secunderabad, India

SIYON KE GEET · SONG 169

यीशुजी करुँ तुझ से

yeeshujee karun tujh se

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‘‘मैं तुझसे सदा प्रेम रखता आया हूँ ।’’ (यिर्मयाह 31:3)
यीशुजी करुँ तुझ से ऐसा अब प्रेम,ताकि मुझमें उमड़े तेरा ही प्रेम;हल्लेलूयाह, हल्लेलूयाह, हल्लेलूयाह, हल्लेलूयाह ।।
1.हर दिन मैं प्रेम तेरा, चखता ही रहता हूँ;स्वर्गीय भोजन ही से, पोषण भी पाता हूँ;यीशुजी जीवन जल तू, मुझ को देता ।
2.चट्टान पर मुझ को तूने, खड़ा भी किया है;मेरे पैरों में तूने, दृढ़ता समाई है;यीशुजी आश्रय मेरा तू ही सदा ।
3.लोहू बहाया क्रूस पर, मुझ को बचाने को;विश्व व्यापी मण्डली में, मुझ को भी लेने को;यीशुजी दया तेरी अति महान ।
4.प्रतिज्ञाओं को अपनी पूरी तू करता है,निरन्तर अनुग्रह तू मुझ को दिखाता है;यीशुजी प्रेम तेरा कैसा अटल ।
5.मृत्यु पर जयवन्त होके फिर से जीवित हुआ,तू ही महिमा का राजा, शीध्र ही आएगा;यीशु के साथ रहना सब से प्यारा ।

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