‘‘मैं उद्धार का कटोरा उठा कर यहोवा से प्रार्थना करुँगा ।’’(भलन 116:13)
1.स्तुति हो उद्धार के लिए... लोहू से मैं धुल गया;यीशु ने धोया सोते में... कलवरी से जो बहा ।
2.स्तुति हो ! मेरे बन्ध टूटे... हल्लेलूयाह ! हूँ आजाद;ताज खुदावन्त देगा मुझे... और वहाँ सम्पूर्ण उद्धार ।
3.स्तुति हो यर्दन के लिए... जहाँ मैं दफन हुआ;प्यारे यीशु के साथ मरके... कब्र से फिर जी उठा ।
4.स्तुति हो उस आग के लिए... पिन्तेकुस्त को जो गिरी;पावन आत्मा ने दी मुझे... शान्ति और मुहब्बत भी ।
5.स्तुति हो प्रभु यीशु की... जल्द आसमान से आएगा;और कलीसिया को वह अपनी... अपने साथ ले जाएगा ।