‘‘और वे मेम्ने के लोहू के द्वारा उस पर जयवन्त हुए ।’’(प्रकाशित 12:11)
यीशु के लोहू की जय, जय, जय;यीशु के लोहू की जय ।।
1.यीशु ने किया प्रेम मुझ से... लोहू बहा दिया मेरे बदले ।
2.यीशु का लोहू मुझे शुद्ध है करता... आत्मा-शान्ति मुझे दिल में देता ।
3.यीशु का लोहू मुझे प्रेम है देता... प्रेम से भरा हुआ जीवन देता ।
4.यीशु का लोहू सच्ची भक्ति देता... दर्शन पिता का है मुझे देता ।
5.यीशु का लोहू सच्ची शान्ति देता... बोझ गुनाह का है दूर वह करता ।
6.यीशु ने मुझ को कीच से खींचा... जीवन के पौधे को जल से सींचा ।
7.यीशु ने मुझे अपनी शान्ति दे दी... मन में मेरे अपनी खुशी भर दी ।
8.भाईयों और बहिनों, सब बोलो मिलकर,लड़को और बच्चों सब गाओ मिलकर ।