‘‘कि यही सचमुच में जगत का उद्धारकर्त्ता है ।’’(यूहन्ना 4:42)
मनुष्य रुप घारण करके, आया यीशु जगत में;तारणहारा वही है भाई, इस पापी संसार का ।।(2)
1.चढ़ा क्रूर क्रूस पर सहा दुःख और पीड़ा,बहा दिया सारे शरीर से, अमूल्य लोहू की धारा;देखो प्रिय क्रुस के ऊपर, और नहीं है सहारा । ...तारणहारा
2.परमेश्वर ने अपना प्रेम कैसा प्रगट किया,धृणित पापियों के लिए, क्रूस पर उसने प्राण दिया;अपना लो आज यीशु को भाई, मुक्तिदाता के रुप में ।
3.अशान्ति में कुडकुड़ाकर, पाप के भार से दब जा कर,रहते भाई, दुर क्यों तुम, आँसु के घूंट को पी कर;यीशु तुम को आज बुलाता, आओ उसके चरणों में