‘‘हे पहरुए रात का क्या समाचार है ?हे पहरुए रात की क्या खबर है ?’’ (यशायाह 21:11)
हे पहरुआ जागता रह,... तू है सिपाही यीशु का;लड़ना पड़ेगा तुझ को,... बढ़ जा बल से प्रभु के ।।
1.शत्रु बहुत तेरे हैं, आगे पीछे घेरे हैं;(2)बचेगा कैसे उनसे ?(2) आज्ञा मान तू प्रभु के ।... हे पहरुआ
2.हथियार तुझे लेना है, शक्ति तुझे पाना है;खड़ा तुझे रहना है, सन्मुख सारे दुश्मन के ।
3.इसलिए हो अब तैयार, सारे हथियार तू सम्भाल;आत्मिक लड़ाई तेरी है, डरना नही किसी से ।
4.सत्य का कमरबन्ध बान्ध, झुठ से तुझे बचना है;झिलम धार्मिकता की ले, आत्मा तेरी बच जाए ।
5.जूते पाँव में अब तू ले, मेल की सुवार्ता को दे;विश्वास की ढाल लेकर तू, बच जा तीरों से दुष्ट के ।
6.उद्धार का टोप पहने रह, मुक्ति तेरी दीख पड़े;आत्मा की तलवार को ले, वचन जो है प्रभु के ।
7.प्रार्थना सदा करता रह, हथियार ये श्रेष्ठ सब में है;चूकेगा नहीं हरगिज, यदि सदा जागता रहे ।