‘‘सो आओ, उसकी निन्दा अपने ऊपर लिए हुए छावनी के बाहरउसके पास निकल चलें ।’’ (इब्रानियों 13:13)
जिल्लत उठा के तुम,वीरों आओ चलें खैमे पार ।।
1.सम्बल्लत, तोबिया छेड़ें तुम्हें जब, और सब मिलकर ठट्ठे उड़ाएँ;अपने यीशु की सेवा में वीरों, आओ चले खैमे पार ।
2.स्तिफनुस से संगसार पे सोचो, पतरस की बेड़ी को न भूलो;संकट में करो प्रेम से सेवा, आओ चले खैमे पार ।
3.झुठे मित्र जो तुम्हें छोड़े, झूठे-झूठे दोष लगाएँ;प्रभु यीशु की आज्ञा पे चल के, आओ चले खैमे पार ।
4.चाहे तुम्हें कोई कोड़े से मारे, चाहे तुम्हें कोई आरे से चीरे;संगी साथी मिल कर मारें, आओ चले खैमे पार ।
5.जब तुम्हें सारे लोग सताएँ, अभिमानी तुमको भरमाएँ;ढ़ाढस रख के क्रूस उठाएँ, आओ चले खैमे पार ।
6.अग्नि में होवे परीक्षा तुम्हारी, जोखिम जान पे आवे तुम्हारी;यीशु के लहू में शक्ति पा के, आओ चले खैमे पार ।
7.शान्त रहो उसे प्रभु जानो, जंग है यहोवा की यह मानों;होठो से अपने स्तुति करो, गाएँ हम हल्लेलूयाह ।