"मैं अपनी बारी में आया हूँ |"(श्रेष्ट्गीत Song of Songs 5:1)
मेरा दिल है यीशु का बगीचा,उसका फल उसको आज दे दूँ |मुहब्बत के काम मैं करूँ,मुहब्बत की बोली बोलूँ ||
1.मेरे दिल के बगीचे को साफ कर,यीशु प्यारे तू,सारे कांटे और कडुवे दानों को,मेरे दिल से निकाल दे तू |
2.मेरे दिल के बगीचें में आ जा,ऐ यीशु प्यारे तू,इस दिल को कर ले अपना,इसका मालिक हो जा तू |