"मैं इसलिए आया कि वे जीवन पाए, और बहुतायत से पाए |" यूहन्ना John 10:10
आनन्द से स्तुति करूँआत्मा से और सच्चाई से ||
उद्धार का प्याला ऊँचा उठाकर, स्तुति मैं तेरी करूँ,र्षित होकर प्रणाम करूँ, यीशु की जय जयकार हो ||
1.मुझ पापी को उद्धार देने, यीशु सलीब पर चढ़ गया,पवित्र जीवन देने मुझे, मृत्यु पर जयवन्त हुआ |
2.मृत्यु की तराई में जब मैं पड़ा था, मेरे लिए मानव रूप लिया,स्वर्गीय जीवन देने मुझे, मृत्यु के कंड को तोड़ा |
3.शत्रु के फन्दे से छुड़ाने को, शत्रु को उसने हरा दिया,स्थिरता का जीवन देने मुझे, ख्रीष्ट में मुझे छिपाया |
4.स्वर्गीय वारिस मुझे बनाने, स्वर्गीय महिमा को त्याग दिया,भरपूर जीवन देने मुझे, अपना जीवन दे दिया |
5.बाधा, सतावत घेरे मुझे, जीवन की यात्रा में सामना करे,जयवंत जीवन देने मुझे, जीत लिया संसार तूने |
6.संसार और शरीर से लड़ते हुए, आनन्द से क्रूस को उठाऊँगा,अलगाव का जीवन जीने के लिए, जीवन मैं अर्पण करूँ |
7.स्वीकार करो प्रभु मेरे जीवन को, तुझ को ही सौंपता हूँ मैं,हल्लेलूयाह आमीन हल्लेलूयाह, आमीन हल्लेलूयाह |