"आओ, हम ... बनाएँ |" नहेम्याह 2:17
आओ हम बनाएँगे, गिरी हुई दीवारों को,जो शहरपनाह टूटी हुई है, जीवन की गवाही गिरी हुई है,आओ हम बनाएँगे, गिरी हुई गवाही को ||
1.गिरी हालत क्या हमें दिखाती है, वेदना और दुःख इसके लिए है,नहेम्या जैसे क्या रोते हैं, पुकार प्रभु से करते हैं,आओ हम पुकारेंगे प्रभु से मदद पाने को |
2.इस्राएल प्रभु के लोगोंने, नहीं मानी प्रभु की आज्ञा को,हम भी प्रभु के लोग होकर ऐसा किया करते हैं,आओ निर्णय करेंगे, प्रभु की आज्ञा मानने को |
3.यरूशलेम की शहरपनाह को, जलाकर उजाड़ दिए है,उसके फाटक बड़े बड़े जो, जलाकर उजाड़ दिए है,आओ हम उठाएँगे, बिगड़े हुए काम को |
4.नहेम्याह ने जब कहा लोगों से, चलों दीवारों को हम बनाएँ,सब लोगों ने मिलकर एक स्वर में कहा, आओ हम बनाएँ,आओ हम भी बनाएँगे उद्धाररूपी दीवारों को |
5.प्रभु यीशु की क्या सुनोगे कहता है वह सब लोगों से,सुनकर वह मीठी आवाज को क्या तुम सब यह न कहोगे,आओ हम बनाएँगे यहोवा के मन्दिर को ?