‘‘वही हमारा मेल है... ।’’ (कुलुस्सियों 2:14)शान्तिदाता प्रभु यीशु की शान्त मन्दिर में हो स्तुति ।।
1.शान्तिकर्ता सारे जग का, ख्रिस्त यीशु ही हुआ;बीच की दिवार को क्रूस पर तोड़कर, मेेल हमारा वही किया ।
2.शान्ति-प्रवाह नदी समान, बढ़ता जाता नित नया;आतंक हटाकर बीच में जाकर, खडा हुआ, हमें स्थिर किया ।
3.संसार देता वैसे नहीं, अपनी शान्ति प्रभु दिया;अनन्त शान्ति सदा है रहती, अनन्त यीशु जो हम को दिया ।
4.न हो केवल खाना-पीना, परमेश्वर का राज्य यहाँ;पवित्र आत्मा में धार्मिकता, शान्ति, आनन्द हम को प्रभु दिया ।
5.चाहे पर्वत हट जाए, टल भी जाए पहाडियाँ;अनुग्रह मेरा नहीं टलेगा, शान्तिदाता वचन दिया ।
6.अद्भुत युक्ति करनेवाला, राजकुमार वह शान्ति का;पराक्रमी प्रभु यीशु ख्रिस्त ही, सबल हमको सदा करेगा ।