‘‘जो सब का प्रभु है ।’’ (प्रेरितों के काम 10:36)
ख्रिस्त यीशु सबका प्रभु है... परमेश्वर भी वह है;सब का वह कर्ता था तिस पर भी... चरनी में रखा गया ।।
1.जग में आया ख्रिस्त प्रभु पापी बचाने को,जग में फिरा चेलों के साथ सुख बलिदान करके ।
2.अनन्त जीवन सदा शान्ति, आनन्द की भरपूरी,देने हमें ये आशीषें प्रभु बलिदान हुआ ।
3.आंधी, तूफान, लहरें आती उनसे जो डरते है,ताको तुम अब प्रभु-ऊपर वह सब शान्त करेगा ।
4.घोर अन्धकार-रुप मृत्यु-तराई यदि जाना हो तुम्हें,डरना नहीं निर्भय हो, प्रभु जो साथ अब है ।
5.मसीह हमारा जीवन जो है, ताकते रहें उसी को,सन्तान हम हैं, युद्ध सामने है, जयवन्त बनेंगे हम सब ।
‘‘वह तुम्हारे लिए कंगाल बना कि उसके कंगाल हो जाने सेतुम धनी हो जाओं ।’’ (2 कुरिन्थियों 8:9)
ख्रिस्त यीशु, दयालु प्रभु... तू ही है सृजनहार;हम सब गाते हल्लेलूयाह... तू ही है तारणहार ।।
1.जन्म तू ने जगत में लिया, कंगाल घर में जीवन बिताया;संकट, कष्ट तू ने उठाया, किया हमारा उद्धार... यीशु प्यारे ।
2.जीवन-नैया खतरे में जब थी, आँधियों से जब डगमगाती थी;आज्ञा देकर आँधी थमा दी, बेड़ा किया तूने पार... यीशु प्यारे ।
3.पाप का रोगी मैं जीवन भर था, यत्न भी करता पर कुछ न बना था;यीशु तेरा जब वस्त्र छुआ था, चंगा हुआ यह बीमार... यीशु प्यारे ।