‘‘वह अगम्य ज्योति में रहता है ।’’ (1 तीमुथियुस 6:16)
1.महिमा से तू जो भरा हुआ... ज्योति में सदा रहनेवाला;मनुष्यों में तू ने जन्म लिया... फिर से यीशु जग में तू आएगा ।
2.भूमि, आकाश में समा न सका... मन्दिरों में तू रह न सका;नम्र होके चरणी में पैदा हुआ... मनों में हमारे घर तू बना ।
3.तम्बु में आकर तू बसा... लोगों को अपने लिए फिरा;अग्नि और बादल में तू दिखा... फिर से यीशु अपनी तू महिमा दिखा ।
4.दानिएल की तू ने प्रार्थना सुनी... एज्रा की तू ने सहायता की;बाबुल में तू ने बेदारी भेजी... अपने लोगों को फिर से दी रिहाई ।
5.तू ही हमारा राजा है... तू ही मुक्तिदाता है;फिर से आनेवाला है... प्यारे प्रभु यीशु तू जल्दी आ ।