‘‘परमेश्वर प्रेम है ।’’ (1 यूहन्ना 4:8)
प्रेमी ईश्वर प्रेम तू है, प्रेम तेरा ही सच्चा है ।।
1.प्रेम तेरा जो सनातन का है, करुणा से हमें खींचा है;प्रमाण किया प्राण दे के, बलिदानवाला प्रेम वह है ।
2.प्रेम किया तूने सारे जगत से, सब बचे तू चाहता है;धन्य है तू ढ़ापा पाप, ढ़ापनेवाला प्रेम वह है ।
3.बन्धन तेरा प्रेम का दृढ़ है, हम को ख्रिस्त में बाँधा है;ख्रिस्त के प्रेम से कोई हमें, अलग कर न सकता है ।
4.माता यदि भूले तो भूले, प्रेम तेरा न भूलता है;कभी न बदले प्रेम तेरा, न बदलनेवाला है ।
5.प्रेम तेरा प्रभु सामर्थी है, टूटे न यह बलवन्त है;बाढ़के द्वारा बुझे न, जयवन्तवाला प्रेम यह है ।