CHURCH AT EL-SHADDAIR.K. Puram · Secunderabad, India

SIYON KE GEET · SONG 173

हल्लेलूयाह गायेंगे

hallelooyaah gaayenge

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‘‘इसके बाद मैं ने स्वर्ग में मानो बड़ी भीड़ को ऊँचेशब्द से यह कहते सुना, कि ‘हल्लेलूयाह’ ।’’(प्रकाशित 19:1)
हल्लेलूयाह गायेंगे, हल्लेलूयाह गायेंगे;(2)हल्लेलूयाह, हल्लेलूयाह, हल्लेलूयाह, हल्लेलूयाह;(2)हल्लेलूयाह गायेंगे, हल्लेलूयाह गायेंगे ।
1.उद्धार मसीह ने हमारा किया, अपने लोहू से छुटकारा दिया;(2)महान उद्धार, अनन्त उद्धार, पूरा उद्धार वह है;(2)इसलिए हम गायेंगे ।
2.महिमा का दर्शन हम को कराया, स्वर्गीय वैभव उसने दिखाया;आदर, प्रभुता, स्तुति, प्रधानता सब कुछ उसी का है;इसलिए हम गायेंगे ।
3.आदर करेंगे जीवते मसीह को, अपने जीवन से दिखायेंगे उसको;किया धनी, बड़ा प्रेमी, अनमोल बनाया है;इसलिए हम गायेंगे ।
4.सामर्थ प्रभु की सनातन से जो है, वही सम्भाले जो उसकी शरण है;बढ़कर विजय, साहस, विश्वास सब कुछ हमारा है;इसलिए हम गायेंगे ।
5.यात्रिक जीवन में जो कुछ भी आए, ‘‘आमीन’’ हम कहकर सहते भी रहें;कैसा आनन्द, अद्भुत शान्ति दुःख सहने में है;इसलिए हम गायेंगे ।
6.तुम जो ईश्वर से डरनेवाले हो, और क्या तुम छोटे क्या तुम बड़े हो;धन्य कहो दुल्हिन उसकी तैयार अब हुई है,इसलिए हम गायेंगे ।

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