CHURCH AT EL-SHADDAIR.K. Puram · Secunderabad, India

SIYON KE GEET · SONG 174

ईश्वर की महिमा

eeshvar kee mahima

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‘‘और नगर... चोखे सोने का था ।’’ (प्रकाशित 21:18)
ईश्वर की महिमा,(2)युगानुयुग तक होती रहेगी (2)... ईश्वर की महिमा ।।(2)
1.जिस नगर का रचनेवाला ईश्वर है,उसी नगर का हमें वारिस भी बनाया;हम स्तुति वन्दना करते हैं ।
2.यहाँ कोई स्थिर रहनेवाला नगर नहीं है,स्वर्ग में वह नगर प्रभु ने है स्थिर किया;हम स्तुति प्रणाम करते हैं ।
3.ईश्वर का नगर स्वर्गीय सिय्योन है,उस नगर में वह हम को भी ले आया;जय-जयकार हम करते हैं ।
4.परदेशी और पराये अब हम नहीं रहे,प्रभु ने हम सब को, घर का वारिस बनाया;बड़ाई हम सब करते हैं ।
5.सोने का नगर वह फाटक मोती के है,ऐसे नगर में हमें, दया से वह ले आया;हम सदा गुण उसके गातें हैं ।

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