‘‘जैसा तू ने देखा कि एक पत्थर... ।’’(दानिय्येल 2:45)
ख्रिस्त प्रभु जी महिमा तेरी हो,सनातन का है राज्य तेरा ।।
1.देखो प्रियों भेद यही है, जग में मनुष्य की सहायता के बिना;पहाड़ में से उखाड़ा गया था, जो एक पत्थर ।
2.सोने और चांदी का राज्य जो जग में,पीतल और लोहे का राज्य जो इसमें;यही पत्थर उन सब राज्यों को चूर चूर करेगा ।
3.हे प्रियों, अद्भुत पत्थर यही है, बड़ा होकर पृथ्वी में फैल गया;प्रभु मसीह की यही सार्वकालिक मण्डली है ।
4.उस राज्य को देखने का भाग्य, उस राज्य में पहुँचने का भाग्य भी;अनुभव कर सकते, केवल सन्त जो जग में है ।
5.शुद्ध हृदय और पवित्रता को, देगा प्रभु मसीह तुमको प्रेम से;ये अतुल्य शुद्धि ले लो, जब प्रभु देता ।
6.आमन्त्रण जो हमें दिया है, उस के राज्य की मीरास के लिए;चाल उसके योग्य चलो, प्रियो वह कहता है ।