‘‘जय ने मृत्यु को निगल लिया ।’’(1 कुरिन्थियों 15:54)
जय जय यीशु, जय जय यीशु;जय मृत्युंजय, जय जयकार,सृजनहार, पालनहार, तारणहार ।।
1.दीनों का दुःख हरनेवाला, हृदय में शान्ति भरनेवाला;(2)जय जन-रंजन, जय दुःख-भंजन;जय जयकार, सृजनहार, पालनहार, तारणहार ।
2.नरतन धार लियो अवतारा, दे निज प्राण कियो छुटकारा;जय जय-त्राता, जय सुखदाता;जय जयकार, सृजनहार, पालनहार, तारणहार ।
3.मृत्यु बन्धन भंजनहारा, अक्षय जीवन देवनहारा;रोगिन, शोकिन एक आधारा;जय जयकार, सृजनहार, पालनहार, तारणहार ।
4.जय जयकार करो सब प्यारो, नर नारी एक संग पुकारो;नारे मारो जय ललकारो,जय जयकार, सृजनहार, पालनहार, तारणहार ।