CHURCH AT EL-SHADDAIR.K. Puram · Secunderabad, India

SIYON KE GEET · SONG 189

व् स्वतक ! उल ळवक !

v svatak ! ul lavak !

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‘‘मैं तेरे सब कामों पर ध्यान करूँगा ।’’ (भजन 77:12)
व् स्वतक ! उल ळवक !
1.प्रभु महान विचारु कार्य तेरे... कितने अद्भुत जो तूने बनाए;देखूं तारे, सुनूं गर्जन भयंकर... सामर्थ तेरी सारे भू मण्डल पर ।प्रशंसा होवे प्रभु यीशु की,कितना महान, कितना महान ।।
2.वन के बीच में तराई मध्य विचरुँ,मधुर संगीत मैं चिड़ियों का सुनूं;पहाड विशाल से जब मैं नीचे देखूं,झरने बहते लगती शीतल वायु ।
3.जब सोचता हूँ कि पिता ने अपना पुत्र,मरने भेजा, है वर्णन से अपार;कि क्रूस पर उसने मेरे पाप सब लेकर,रक्त बहाया कि मेरा हो उद्धार ।
4.मसीह आएगा, शब्द तुरही का होगा,मुझे लेगा जहाँ आनन्द महान;मैं झुकूँगा साथ आदर, भक्ति दीनता,और गाऊँगा, प्रभु कितना महान,,

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