‘‘वह सब का प्रभु है ।’’ (प्रेरितों 10:36)
1.यीशु के नाम को सब भजें, दूत भी प्रणाम करें;राज्य मुकुट भी उस को दे,और प्रभु, प्रभु, प्रभु सभों का मानो ।
2.ईश्वर के शहीदों, तुम जो वेदी के नीचे हो;यिशै के वंश की जय कहो,और प्रभु, प्रभु, प्रभु सभों का मानो ।
3.इस्राएल के निर्वाचित वंश, दुर्बल और छोटे जो;दयावन्त त्राता को भजो,और प्रभु, प्रभु, प्रभु सभों का मानो ।
4.अन्य जाति पापियों, मत भूलो कड़वा विष पापों का;अपने जयमाल उसे चढ़ाओं,और प्रभु, प्रभु, प्रभु सभों का मानो ।
5.हर कुटुम्ब, कुल जाति के लोग, पृथ्वी के ऊपर जो;सारा सन्मान उसी को दो,और प्रभु, प्रभु, प्रभु सभों का मानो ।
6.ऊपर की जयवन्त भीड़ के साथ, चरण उसके पडें;सनातन गान में योग भी दो,और प्रभु, प्रभु, प्रभु सभों का मानो ।