‘‘जितना उपकार यहोवा ने हम लोगों का किया है ।’’(यशायाह 63:7)
यहोवा ने हम लोगों का जितना उपकार किया है,करुणा भलाई सब उसकी, याद कर उसको भजते है ।।
1.हम हैं उसकी प्रजा, और सन्तान भी है,क्रूस की मृत्यु के द्वारा से हम को,अपना जीवन दिया है, कैसा अद्भुत त्राता है ।
2.जो कुछ हम ने मांगा था, बढ़कर हमें दिया है,अपनी वाचा पूरी की उसने,वचन भी पूरा किया है, न बदलने वाला है ।
3.संकट दुःख में गए जब, वह भी दुःख उठाया,प्रेम कोमलता कर के प्रभु ने,सदा हमें लिए फिरा, अब भी साथ वही रहता है ।
4.कई बार हम सब गिरे थे, प्रभु का दिल दुःखाया,तिस पर हम को तू ने सम्भाला,और क्षमा तू ने किया, प्रेमी अद्भुत पिता है ।
5.अब हमारा ऊँचा गढ़ और हमारी है ढाल,हम सब तुझ पर भरोसा रखते,सब कुछ तू हमारा है, हम सदा तेरे है ।