‘‘आकाश में परमेश्वर की महिमा और मनुष्यों में शान्ति हो ।’’(लूका 2:14)
1.सुनो ! दूतगण गातें है: ‘‘बालक राजा ख्रिस्त की जय,जग में कुशल और मिलाप, ईश्वर क्षमा करता पाप ।’’हे सब लोगों खुशी से, गाओ साथ इन दूतों के,‘‘बेथलहैम में जन्मा है, ख्रिस्त जो सबका त्राता है ।’’सुनो दूतगण गाते हैं: ‘‘बालक राजा ख्रिस्त की जय’’ ।।
2.दूतों से वह पूजित है, ख्रिस्त सनातन प्रभु है;वह जो अद्भुत रीति से, जन्मा है कुंवारी से ।यीशु ख्रिस्त इम्मानुएल, ने किया है हम से मेल;ईश्वर ने देह धारण की, गाए जय हम यीशु की ।
3.सब का त्राता बना दीन, हम न रहे पाप-आधीन;मानव के उठाने को, नया जन्म देने को ।ले आया हमारे पास, जीवनज्योति, सुख की आस;जय-जय शान्ति के प्रधान ! केवल तू ही है योग्य सम्मान ।