‘‘वह आप ही हमारे पापों को अपने देह पर लिए हुएक्रूस पर चढ़ गया ।’’ (1 पतरस 2:24)
घायल हुआ, घायल हुआ, मेरे लिए मसीह घायल हुआ ।।
1.न कोई रुप और न कोई सुन्दरता, दुःखी पुरुष वह हुआ;रोगी बना और शोकित हुआ था, जो देखा, मुँह फेर लिया ।
2.दुःख को उठाया और रोग जो हमारे, अपने ऊपर ले लिया;ईश्वर का मारा और कूटा हुआ था, दुर्दशा में वह पड़ा ।
3.मेरे अधर्म के कामों के हेतु, सम्पूर्ण कुचला गया;शान्ति मैं पाऊँ ताड़ना वह सहा, कोड़े से जख्मी हुआ ।
4.न पाप किया था, न छल मुँह से निकला, चुपचाप वह सब सह लिया;आप ही हमारे सब पापों को लिए, क्रूस पर प्राण दे दिया ।
5.भूल न सकूं मैं प्रेम जो मसीह का, जो मुझ से उसने किया;क्रूस की तरफ मैं ध्यान से जब देखा, छुटकारा मेरा हुआ ।