CHURCH AT EL-SHADDAIR.K. Puram · Secunderabad, India

SIYON KE GEET · SONG 272

आनन्द ही आनन्द है

aanand hee aanand hai

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‘‘यीशु ने उनसे कहा, तुम्हे शान्ति मिले ।’’ (यूहन्ना 20:19)
आनन्द ही आनन्द है, आहा !हमें...क्योंकि प्रभु यीशु जी उठा, आहा !हमें आनन्द ही आनन्द है ।।
1.पापियों का मित्र पाप रहित है,(2)पाप निमिŸा वह श्रापित हुआ;भारी श्राप को पीठ पर उठाए,(2)पाप के कर्ज चुकाए ।हमें ...
2.पेन्तुस पिलातुस, शास्त्री, याजक खडा हुआ वह उनके सन्मुख;मृत्यु पर जयवन्त, स्तुति के योग्य वह, शैतान हुआ पराजित ।
3.मृत्यु के भय से निर्भय होके, जयवन्त यीशु के समीप आके;अवसर को बहुमूल्य जानके, स्वर्गीय प्रभु को प्रचारें ।
4.जी उठे प्रभु ने प्रियों को देखा, ढ़ाढस बंधाया, रक्षा करेगा;दूर किया चिन्ता को हमारी, त्यागें अब हम इस जग को ।
5.आत्मा को अपने भेजा स्वर्ग से, शिष्यगण सब परवश हो गए;अपार शक्ति से सब भर गए, साहस से तब प्रचारे ।
6.मिलने दुल्हे से जो प्रभु है, क्या जागते हो और तैयार हो ?पाओगे तब तुम महिमा का मुकुट, राज्य करेंगे सदा तक ।
7.यीशु हमारा आता फिर से, पल भर में ही बदलेंगे हम सब;मगन होके, सम्पूर्ण मन से, गाएगें हम हल्लेलूयाह ।

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