(इब्रानियों 2:3)
जय प्रभु यीशु जय मुक्तिदाता,जय प्रभु जय जय राजा ।।(2)
1.पाप के गढ़े में नाश हुआ था मैं,महान उद्धार प्रभु तू ने दिया... देकर तू ने पार किया ।
2.अमूल्य लोहू क्रूस पर बहाकर,मलिन आत्मा को धो दिया... धोकर तू ने शुद्ध किया ।
3.चट्टान बनकर ढ़ाढस देता है,प्रभु यीशु मेरा रक्षक है... क्या कोई परीक्षा जय पाएगी ?
4.आँधी तूफान जब मार्ग में आएँ,आड़ में रख के अपनी मुझे... ले चला लगातार जय देके ।
5.बालकपन से बुढ़ापे तक,मुझ को लिए फिरता रहा... उठाता भी रहेगा ।
6.प्रभु यीशु सहायक मेरा,क्या कोई कमी मुझे होगी?... कमी मुझे नहीं होगी ।
7.मृत्यु पर जयवन्त, प्रभु यीशु संग है,भय समाधि का फिर क्या है ?... अक्षय जीवन मेरा है ।