‘‘उन दिनों में यहोवा का वचन दुर्लभ था ।’’(1 शमूएल 3:1)
उन दिनों में प्रभु का वचन,... दुर्लभ था यहोवा दर्शन;प्रभु के वचन का दर्शन,... मिलता था बहुत ही कम ।।
1.उन दिनों में इस्राएल में,... कोई राजा नहीं था;जिसको जो, ठीक लगता था,... वही काम वह करता था ।
2.परमेश्वर का,सन्दूक तब,... प्रजा से छीन लिया था;इस्राएल में से महिमा,... इस कारण उठ गया था ।
3.दाऊद जब राजा हुआ,... हर दिन वह बढ़ता गया;सेनाओं का यहोवा,... संग सदा उसके रहा ।
4.सुलेमान के बलिदानों पर,... जब अग्नि स्वर्ग से गिरा;यहोवा का मन्दिर तब,... यहोवा-तेज से भरा ।
5.उठ, उठ अब प्रकाशमान हो,... प्रकाश है तेरा आया;यहोवा का तेज तुझ पर,.. अब देख उदय है हुआ ।
6.इस्राएल के ईश्वर का,... पवित्र नगर तू होगा;परमेश्वर का सिय्योन यह,... नाम तेरा युग युग होगा ।