‘‘हे सब थके और बोझ से दबे हुए लोगों, मेरे पास आओ,मैं तुम्हें विश्राम दूँगा ।’’ (मत्ती 11:28)
आओ, आओ यीशु पास आओ, वही बुलाता अभी;थके और मांदे जो बोझ से दबे हो, मुक्तिदाता यीशु पास आओ ।।
1.यीशु मसीह की पुकार को सुनके, ध्यान क्यों देते नहीं;जग में कितनी मुसीबत उठाते, मेहनत करते चैन नहीं पाते ।
2.अब भी जगह है भाई पुकारते, मौका फिर मिलता नहीं;दिन है भाइयों गुजरा जाता, दुनिया पर अंधेरा छाता ।
3.काल और मरी और लड़ाई देखते, तौबा क्यों करते नहीं;भविष्यवाणी पूरी होती, वापस आते है सारे यहूदी ।
4.यीशु मसीह ने तुम्हारे लिए, अपनी जान दे दी;क्रूस पर चढ़कर लोहू बहाया, ताकि होवे प्रायश्चित हमारा ।
5.यीशु मसीह के नाम के सिवाय, मुक्ति मिलती नहीं;उसी में है पाप से रिहाई, वही देता है खुशी भाई ।