CHURCH AT EL-SHADDAIR.K. Puram · Secunderabad, India

SIYON KE GEET · SONG 3

हे यहोवा, हे बल मेरे,

he yahova, he bal mere

More
(भजन -18) हे यहोवा, हे बल मेरे, सदा है सच्चे मार्ग तेरे; करता है सिद्ध सब मार्ग मेरे, हे यहोवा ।।
1.मेरे शत्रु धेरें मुझ को, बन्धनों से पाताल के जकड़ें; (2) बाढ़ अधर्म की मुझको डरायें, पर प्रभु मुझ को कभी न छोड़े । (2)
2.मृत्यु के जाल से जब दी दुहाई, बन गया रक्षक और ऊँचा गढ; मन्दिर से सुनी मेरी दुहाई, तब पृथ्वी काँपी और थर्रराई ।
3.जब प्रभु कोप में क्रोधित हुआ, नेवें पहाड़ों की सब हिल गई; उसके मुख से अग्नि निकलकर, शत्रुओं को चट कर गई ।
4.दयावन्तों पर दयालु बनता, टेढ़ें पर तू तिरछा बनता; घमण्डियों को नीचा करता, तू सर्वज्ञान और सामर्थ रखता ।
5.तू ही मेरा दीपक जलाता, मेरे अंधियारे को ज्योति बनाता; अपनी शक्ति का हाथ बढाता, अपनी सामर्थ से मुझ को उठाता ।
6.पैरों को हरिणी समान बनाता, ऊँचे स्थानों पर स्थिर है करता; मुझ को बचाव की ढाल है देता, दहिने हाथ से मुझ को सम्भालता ।
7.हे यहोवा तू जो जीवित है, तू जो महिमा ही के योग्य है; जातियों के सम्मुख स्तुति करके, गाऊँगा दिल से मैं हल्लेलूयाह ।

Back to Siyon Ke Geet