(भजन - 100)
हे सारी पृथ्वी के लोगों, यहोवा की स्तुति तुम करो,आनन्द करते सन्मुख आओ, जय जयकार सदा करो ।।
1.काम सामर्थी उसने किए है, पापी बचाने हुआ बलिदान,(2)शत्रु के राज्य को तोड़ दिया है,(2)उसको तुम सब याद करो, उसकी स्तुति तुम करो ।
2.स्मरण करो इस्राएली जो तुम हो, छुड़ाया तुमको मिस्र से उसने;चालीस बरस तक तुमको चलाया,ताकि कनान में प्रवेश करो, उसकी स्तुति तुम करो ।
3.मुसा को दिया सेवा में उनकी, यहोशू सदा जयवन्त जो हुआ;शत्रु पर जयवन्त राज्य जीते वह,महान काम को याद करो, उसकी स्तुति तुम करो ।
4.तुम जो प्रभु की निज प्रजा हो, लोहू से उसने खरीदा तुम्हें;आत्मा बचाया, मण्डली बनाया,उसकी योजना याद करो, उसकी स्तुति तुम करो ।
5.प्रभु बुलाता उसकी सेवा में, आज अवाज तुम उसकी सुनो;अर्पण कर दो अपने को तुम,दण्डवत उसको सब करो, उसकी स्तुति तुम करो ।