CHURCH AT EL-SHADDAIR.K. Puram · Secunderabad, India

SIYON KE GEET · SONG 351

किस खोज में हो सब तुम

kis khoj mein ho sab tum

More
‘‘तुम किस की खोज में हो ?’’ (यूहन्ना 1:38)
किस खोज में हो सब तुम,... इस पापी दुनिया में ?सुनो यीशु की वाणी तुम ।।(2)
1.सूरज के नीचे क्या अब, ढूंढ़ते हो बुद्धि ज्ञान को ?या मौज मजा, धन-मान, सब पाना चाहते हो तुम ?जानों यह व्यर्थ है सब, दुःख से भरा यह जग,एक दिन पछताओगे तुम ।
2.ईश्वर के राज्य को ढूंढ़ो, और उसकी धार्मीकता को;निकट है वह बहुत ही, मन फिराओ तुम आज ही;नया जन्म लेकर, प्रवेश करो उस में;ग्रहण करो उसको तुम ।
3.पाओगे अनन्त राज्य को, चाहिए गुण उसके लिए;धन्य है जो मन के दीन, स्वर्ग राज्य उन्ही का है;जो शोक करते हैं, और नम्र मन के हैं;शान्ति आनन्द पाओ तुम ।
4.दयावन्त हो जो तुम, और मन शुद्ध जिन के हैं;मेल जो कराते हैं, उसके पुत्र कहलाओगे तुम;सताये जाओ यदि, और धीरज धरो तब ही;उस राज्य में रहोगे तुम ।

Back to Siyon Ke Geet