CHURCH AT EL-SHADDAIR.K. Puram · Secunderabad, India

SIYON KE GEET · SONG 378

मैं हूँ पापी जग में

main hoon paapee jag mein

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‘‘हे प्रभु मुझे बचा ।’’ (मत्ती 14:30)
मैं हूँ पापी जग में खोया, मुझ को कौन बचाये;हे प्रभु यीशु, आशा रहित हूँ, तुझसे आस लगाये ।।
1.प्रभु यीशु तू जग में आया, पापी को पाप से बचाने;मैं हूँ अभागा, तेरी शरण हूँ, और कोई काम न आये ।
2.जीवन बनकर जग में तू आया, पाप में मुर्दा मैं हूँ;मृत्यु के बंधन में जो बन्धा हूँ, इस से कौन अब छुड़ाये ?
3.जन्म से पापी मैं जो मलिन हूँ, पापी स्वभाव में मैं जन्मा;कर्म से पाप और बात-विचार से, तेरे विरुद्ध है पाप किया ।
4.धर्म के काम और यत्न भी करता, दान और पुण्य भी कितने;रीति-नीति से मैं जो फंसा हूँ, कौन अब पार कराये ?
5.पाप और श्राप का दण्ड़ उठाया, मेरे बदले में प्राण दिया;लोहू बहाया सब कुछ दिया, ताकि मैं पापी बच जाऊँ ।
6.हे प्रभु यीशु तू जो दयालु, टूटे हृदय से अब आता;पाप क्षमा कर मेरे प्रभु तू, तू है महान मुक्तिदाता ।

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