‘‘हे प्रभु, मुझे बचा ।’’ (मत्ती 14:30)
तारण दे पापी को, प्रभु मुझे, तारण दे पापी को ।।
1.पुण्य नहीं प्रभु मैं ने कमाया(2)... पाप किया है जीवन खो ।(2)
2.तड़पता हूँ प्रभु पाप रोग में,... चलता हूँ मृत्यु के पथ में ।
3.वैद्य नहीं प्रभु तुझ बिन ऐसा,... चंगा करे पापी को ।
4.महासामर्थी तू यदि चाहे,... याद कर मुझ पापी को ।
5.क्या करुँ प्रभु मुझे बता तू,... सुख हो इस जीवन को ?
6.पापियों का तू मित्र बना है,... सुन पापिन की विनय को ।