‘‘परमेश्वर का पुत्र जिस ने मुझ से प्रेम किया और मेरे लिएअपने आप को दे दिया ।’’ (गलतियों 2:20)
1.यीशु ने किया आजाद मुझे,... पाप और सारी बुराई से;धोया अपने पाक लोहू से,... बहा जो मेेरे ही लिए;धन्य मैं मानता हूँ उसकी,... स्तुति प्रसंशा हो सदा;यीशु ने क्रूस पर अपने ऊपर,... लिए सब गुनाह ।वह धायल हुआ,... और मारा गया;वह दफन हुआ,... और फिर जी उठा;वह ऊपर गया,... और जल्द आएगा;खुदावन्त यीशु,... शहंशाह ।।
2.हर समय वह बल देता है,... मेरी इस कठिन यात्रा में;ठोकर से वह बचाता है,... मुझे इस सकरे रास्ते में;उसका आत्मा मेरे लिए,... रक्षक अन्धेरी दुनिया में;उसके क्रूस के द्वारा ही से हैं ये,... सब आशीष ।
3.तुझे यीशु बुलाता है,... तेरे इस दिल को चाहता है;तेरे सब पाप को धोवेगा,... शान्ति वह पूरी देवेगा;कर सब अपराधों का स्वीकार,... उसे तू राजा अपना मान;तेरे लिए सलीब पर उसने सब कुछ,... पूरा किया ।