CHURCH AT EL-SHADDAIR.K. Puram · Secunderabad, India

SIYON KE GEET · SONG 390

यीशु प्रभु मेरो अनुपम सुन्दर

yeeshu prabhu mero anupam sundar

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‘‘मेरा प्रेमी दस हजार में उत्तम है ।’’ (श्रेष्ठ गीत 5:10)
यीशु प्रभु मेरो अनुपम सुन्दर,सीस नवाते है, तुम ही हो ईश्वर ।।
1.तुम ही हो त्राता, तुम हो विधाता;रक्षा करो अब, रक्षा करो अब;पार करो अब यह भवसागर,तुम ही हो ईश्वर, अनुपम सुन्दर ।
2.तुम प्रभु ज्योति हो, तुम प्रभु जीवन;हाथ पकड़ लो, हाथ पकड़ लो;ले चलो अपनी ज्योति के पथ पर,तुम ही हो ईश्वर, अनुपम सुन्दर ।
3.तुम ही हो पालक, तुम ही हो सिरजक;दया करो अब, दया करो अब;स्थिर रखो हमें अपने जीवन भर,तुम ही हो ईश्वर, अनुपम सुन्दर ।
4.तुम प्रभु प्रेमी हो, अन्तरयामी हो;स्तुति सुनाते, दण्ड़वत करते;आनन्द कर के जय ललकारो,तुम ही हो ईश्वर, अनुपम सुन्दर ।

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