‘‘क्रूस की कथा हम उद्धार पानेवालों के निकटपरमेश्वर की सामर्थ है ।’’ (1 कुरिन्थियों 1:18)
1.मैं कमबख्त आवारा और गुमराह, नहीें जानता था कि है नजात;इसलिए कि यीशु ने सही,... सलीबी मौत ।मेरे लिए है वहाँ नजात,... फजल से माफी और हयात;तेरा पूरा भेद कब समझूंगा,... ओ कलवरी ?
2.कलाम को पढ़कर डर गया,... सख्त रंजीदा था और परेशान;लेकिन मुझे मिली अब पनाह,... पास कलवरी ।
3.मैं ने दे दी अपनी जिन्दगी,... यीशु, को जो बादशाह अब्दी;है और रहेगा, यह मेरा गीत,... जय कलवरी ।