(भजन 145:8-17)
1.यहोवा अनुग्रहकारी... और दयालु भी है,विलम्ब से क्रोध करनेवाला... और अति करुणामय है ।यहोवा सभी के लिए... भलाई करता रहता है,और उसकी दया, उस की... सारी सृष्टि पर है ।
2.यहोवा, तेरी सृष्टि भी... धन्यवाद करेगी,और तेरे सारे भक्त सदा... तुझे धन्य कहेंगे ।
3.वह तेरे राज्य की महिमा... की चर्चा करेंगे,और तेरे पराक्रम के विषय... में बातें करेंगे ।
4.तेरे पराक्रम के कामों को... लोगों में सुनाएँ,तेरे प्रतापी राज्य की... महिमा प्रगट करें ।
5.और तेरा राज्य भी सदा... युगानुयुग तक है,हे प्रभु ! तेरी प्रभुता... सब पीढ़ियों की है ।
6.गिरते हुओं को यहोवा... सम्भालता भी है,झुके हुए लोगों को भी... खड़ा वह करता है ।
7.आँखे सब लोगों की सदा... तेरी ओर रहेती है,और उन्हें ठीक समय पर... तू आहार भी देता है ।
8.मुðी तू अपनी खोलता... प्राणियों को तृप्त करता,यहोवा अपनी गति और... कामों में धर्मी है ।