‘‘और वे प्रार्थना करने में लौलीन रहे ।’’(प्रेरितों 2:42)
मेरे बाद मिलकर दुआ करते रहना,तिलावत-कलाम-ए-खुदा करते रहना, मेरे बाद मिलकर ।।
1.कलाम-ए-खुदा जिन्दगी है तुम्हारी,(2)हंमेशा पढ़ो तो सना करते रहना ।(2)... मेरे
2.जहाँ चार मिल करके बैठो हे प्यारो,मेरी याद शाम-औ-सुबह करते रहना ।
3.न घबराना हरगिज पड़े कोई मुश्किल,मेरे नाम से प्रार्थना करते रहना ।
4.सताए जो तुम को, सताना न हरगिज;बुराई के बदले भलाई करते रहना ।
5.मैं आऊँगा फिर तुम को लेने हे प्यारो,चर्चा मेरे आने का तुम करते रहना ।
6.प्रेम से जान अपनी मैंने बलिदान की;इस प्रेम की चर्चा सदा करते रहना ।