‘‘हेे प्रभु सुन ले, ध्यान देकर जो करना है कर,विलम्ब न कर; अपने नाम के निमित्त ऐसा ही कर ।’’(दानिय्येल 9:19)
आशीष तुझ से चाहते हैं,हे स्वर्गीय पिता हम आते हैं ।।
1.कोई खूबी न हे लियाकत,... बख्षो हम को अपनी ताकत;(2)खाली दिलों को लाते है,(2)...हे स्वर्गीय पिता हम आते हैं ।(2)
2.हम ने बहुत खताएँ की हैं,... रहे निकम्मे जफाएँ की हैं;शर्म से सिर झुक जाते हैं,... हे स्वर्गीय पिता हम आते हैं ।
3.तुम हो शक्तिमान प्रभुजी,... कुदरत तुम्हारी शान यीशुजी;हम्द-ओ-सना हम गाते हैं,... हे स्वर्गीय पिता हम आते हैं ।
4.बन्दे को तू कभी न भूले,... दुःख सहे दुनिया में तू ने;उसी प्यार को चाहते हैं,... हे स्वर्गीय पिता हम आते हैं ।