‘‘हे भाइयों परमेश्वर से मेरी प्रार्थना है कि वे उद्धार पाएँ ।’’(रोमियों 10:1)
यीशुजी, प्रभुजी दो वरदान अब तो,जागे देश हमारा, हाँ, हाँ, फैले नाम तुम्हारा ।।
1.जीवन के हर कदम-कदम पर, तुमको रोज निहारें;(2)और कौन है जग में अपना, जिस को नित हम पुकारें;तुम ही हो तारणहार यीशुजी, जागे देश हमारा ।
2.शक्ति दो हर आन हम को सब के मन चमका दो,खोल दो खिड़की आसमान की, हम पर मेंह बरसा दो;तुम ही हो चट्टान यीशुजी, जागे देश हमारा ।