CHURCH AT EL-SHADDAIR.K. Puram · Secunderabad, India

SIYON KE GEET · SONG 438

हे पिता स्वर्गीय हमारे

he pita svargeey hamaare

More
‘‘हे प्रभु, प्रार्थना करना हमें सिखा दे ।’’ (लूका 11:1)
हे पिता स्वर्गीय हमारे, आप ही का ध्यान हो;मन में हमारे प्रेम सागर, आप ही का ज्ञान हो ।।
1.जल में थल में फैल जावे, कीर्ति उज्जवल आप की;आप की बजे दुन्दुभी, आप का सम्मान हो ।
2.राज्य होवे आप का, और आप के फरमान हों;हम प्रजा है आप की, हम आप पर बलिदान हो ।
3.स्वर्ग में जैसे कि इच्छा, पूरी होती आप की;भूलोक में भी स्वर्ग का सा, राग हो और तान हो ।
4.हे अन्नदाता विश्व-पालक, नित्य भोजन दीजिए;तृप्त कर दो आत्मा को देह का कल्याण हो ।
5.क्षमा जैसे कर रहे हैं, बैरियों को शत्रु जो;हम पतित हैं, हे प्रभु, हम को क्षमा का दान हो ।
6.दुष्ट से हमको बचा कर, पाप पर जय दीजिए;हम तो है निर्बल बालक, आप शक्तिमान हो ।
7.राज्य तो है आपका, सामर्थ्य, महिमा सर्वदा;आप हैं त्रिलोक प्रभु, आप ही का मान हो ।

Back to Siyon Ke Geet