‘‘तू सम्मति देता हुआ मेरी अगुवाई करेगा औरमुझ को अपने पास रखेगा ।’’ (भजन 73:24)
1.राह बता, महान परमेश्वर,... राही मैं निर्जन पथ का;शक्तिमान है तू, मैं निर्बल,... दे सहारा हाथों का;स्वर्गीय भोजन, स्वर्गीय भोजन,... दे मुझ त्राण के भुखे को ।
2.खोल दे वह सोता बिल्लौरी,... बहती जिस से जीवन धार;खम्भा आग और बादल का बन,... कर इस राह से मुझे पार;प्रबल ईश्वर, प्रबल ईश्वर ! हो तू मेरी ढाल तलवार ।
3.मृत्यु नदी पास जब पहुँचू,... मेरी चिंता, भय मिटा;मृत्युंजय, है नरक नाशक !... थाम के मुझे पार लगा;तेरी स्तुति, तेरी स्तुति,... करूँगा मैं सर्वदा ।