(भजन 148:1-11)
1.स्तुति करो याह की स्वर्ग-निवासियों,स्तुति यहोवा की ऊँचे स्थानों में करो ।स्तुति करो, शुद्ध यहोवा की स्तुति करो ।।
2.स्तुति करो याह की हे सब दूतों,स्तुति करो याह की सारी सेनाओं ।
3.स्तुति करो याह की हे सूर्य, चन्द्रमा,स्तुति करो याह की ज्योतिर्मय तारों ।
4.स्तुति करो याह की हे ऊँचे आकाश,स्तुति करो याह की ऊपर के जल ।
5.स्तुति करो याह की हे मगरमच्छों,स्तुति करो याह की गहिरे समुद्रों ।
6.स्तुति करो याह की अग्नि और ओलों,स्तुति करो याह की हिम और कुहरो ।
7.स्तुति करो याह की आज्ञाकारी बयारों,स्तुति करो याह की पहाड़ो और टीलों ।
8.स्तुति करो याह की फलदायी वृक्षो,स्तुति करो याह की सब देवदारों ।
9.स्तुति करो याह की हे वन-पशुओं,स्तुति करो याह की घरेलू पशुओं ।
10.स्तुति करो याह की रेंगनेवाले जन्तुओं,स्तुति करो याह की हे सब पक्षिओं ।
11.स्तुति करो याह की पृथ्वी के राजाओं,स्तुति करो याह की जग के सब लोगों ।