(भजन - 23) तू ही यहोवा मेरा चरवाहा; (2) घटी कभी भी मुझे न होगी ।।(2)
1.हरी चराइयों में मुझे बैठाता, सुखदाई झरनों के पास है ले चलता; वह मेरे जी में जी है ले आता,(2) धर्म के मार्गो में अगुवाई करता ।(2)
2.घोर अन्धकार की घाटी में चलूँ, तौभी मैं भय से कभी न डरुँ; क्योंकि यहोवा तू मेरे संग है, सोंटे और लाठी से तसल्ली देता ।
3.तू मेरे सब शत्रुओं के सामने, मेरे लिए अपनी मेज है बिछाता; तू मेरे सिर पर है तेल मलता, मेरा कटोरा खुश हो छलकता ।
4.निश्चय करुणा भलाई तेरी भी, जीवन भर मेरे संग संग रहेगी; मैं अपने यहोवा के भवन में, सदा सर्वदा निवास करूँगा ।