‘‘स्वर्ग में मेरा कौन है ? तेरे संग रहते हुए मैं पृथ्वी परभी कुछ नहीं चाहता ।’’ (भजन 73:25)
1.हे तुम जो माता का प्रेम जानते हो,उस से भी अधिक है यीशु का प्रेम;क्रूस पर वह मुआ अब हो उस की जय,प्रीतम है मेरा मसीह ।लाखो में प्रिय, मेरा मसीह;तू मेरा राजा, मैं तेरा दास;तुझ ही पर मेरा है पूरा विश्वास,लाखो में प्रिय, तू मेरी है आस ।।
2.यीशु अब प्रेम से बुलाता है आज,आओ और थामो तुम अब उस का हाथ;तुम को वह देगा आनन्द और स्वर्ग राज्य,प्रीतम है मेरा मसीह ।
3.दुनिया के माल और सब धन दौलत से,यीशु मसीह सब से उत्तम प्रधान;स्वर्ग की वह ज्योति और पृथ्वी की जय,प्रीतम है मेरा मसीह ।