‘‘यीशुने कहा, जगत की ज्योति मैं हूँ ।’’ (यूहन्ना 8:12)‘‘अब (तुम) प्रभु में ज्योति हो ।’’ (इफिसियों 5:8)
इस जग का मैं दिपक हूँ,... जीवन-ज्योत जला दूँगा ।।
1.दीपक हूँ मैं अपने घर का,... मैं रोज जला ही करता हूँ;मैं जल जलकर अपने घर का,... अन्धियारा दूर भगा दूँगा;जीवन-ज्योत जला दूँगा ।
2.समाज, नगर भी ख्रिस्त बिना,... सोए से है अंधियारे में;मैं यीशु मसीह की ज्योति को,... हर कोने में जला दूँगा;जीवन-ज्योत जला दूँगा ।
3.जो ज्योति मिली प्रभु से मुझ को,... वह त्याग, प्रेम, सत सेवा की;मैं खुश होकर इस जीवन को,... बलिदान उसे चढ़ा दूँगा;जीवन-ज्योत जला दूँगा ।