CHURCH AT EL-SHADDAIR.K. Puram · Secunderabad, India

SIYON KE GEET · SONG 575

यदि यीशु पीछे जाता है

yadi yeeshu peechhe jaata hai

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‘‘अपने शरीरों को जीवित, पवित्र और परमेश्वर को भावताहुआ बलिदान कर के चढ़ाओ ।’’ (रोमियों 12:1)
तुम प्यारे प्रभु की सेवा में अपने को दान करो,तुम हो प्रभु की पवित्र प्रजा, उस की तुम सेवा करो ।।
1.अन्धकार से जीवन में, वह रोशनी ले आया;उस रोशनी में हम ने, एक मार्ग नया पाया;जीवन तुम्हारा उस के लिए जीवन बलिदान करो ।
2.कल तुम जो भटकते थे अनजान-सी राहों में,वह तुम को बचा लाया, उस प्यार की बाहों में;प्यार उस का है कितना अद्भुत, उस को तुम याद करो ।
3.है याद तुम्हें प्यारो, तुम जन्में पापों में;पापों की माफी दे दी, उस के पवित्र लोहू से;अब मन तो प्रभु का मन्दिर है, नित्य उस को ध्यान करो ।
4.सेवा जो करे उस की, फल पाएगा वह अन्त में;यह कैसा बड़ा मान है, न औरों ने पाया है;आभारी होकर चरणों में, उस की बड़ाई करो ।
‘‘और उस के कारण मैं ने सब वस्तुओं की हानि उठाई औरउन्हें कूड़ा सा समझता हूँ कि मैं मसीह को पाऊँ ।’’(फिलिप्पियों 3:8)
यदि यीशु पीछे जाता है तो प्राण जाने दे,झूठी दोस्ती संसार की, जवान जाने दे ।।(2)
1.यीशु मुर्दे जिलाए शब्द बोल-बोल कर,(2)ऐसे प्रभु का न मन से प्रेम जाने दे । (2)
2.यीशु कष्ट उठाने आया स्वर्ग छोड़कर,ऐसे प्रेमी का न मन से प्रेम जाने दे ।
3.उस के क्रूसवाले दुःख में सहभागी होकर,ऐसे यीशु पीछे प्राण बलिदान जाने दे ।

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