CHURCH AT EL-SHADDAIR.K. Puram · Secunderabad, India

SIYON KE GEET · SONG 577

जाओ, करो प्रचार जग में

jao, karo prachaar jag mein

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‘‘मसीह का प्रेम हमें विवश कर देता है ।’’(2 कुरिन्थियों 5:14)
आभारी हूँ सिर मैं झुकाऊँ, जीवन अर्पण मैं करता हूँ;अमूल्य भेट इससे अधिक क्या ? सम्पूर्ण जीवन मैं सौंपता हूँ ।।
1.दूर जब जाता हूँ प्रभु के प्रेम से, घायल होता प्रभु का मन;अब न जाऊँगा छोड़ तुझ को दूर मैं, सदा तेरे पास रहूँगा मैं ।
2.मन मेरा खिंचता जग के विभव से, अभिलाषा जो बाधा मेरा;मसीह के अद्भुत प्रेम के लिए ही, सब बाधा को छोड़ता हूँ मैं ।
3.प्रेम है अगाध, प्रभु जो तेरा, सामर्थ हीन हूँ वर्णन के मैं;सदा तक मैं सेवा करूँगा, ऋणी अब हूँ तेरा जो मैं ।
4.जग के लिए जीऊँ न मैं अब, न जीऊँगा अपने लिए;तुझे मैं छोड़ जाऊँ कहाँ अब, ये छोटा जीवन देता हूँ मैं ।
5.दुखित होकर पछताता हूँ मैं, बीतें दिनों के सब पापो से;बाकी जीवन आभारी होकर, अर्पण करता हूँ सेवा में मैं ।
‘‘तुम सारे जगत में जाकर,... प्रचार करो ।’’ (मरकुस 16:15)
जाओ, करो प्रचार जग में,ख्रिस्त की जय जयकार जगत में ।।
1.नगर-नगर और घर-घर जाकर,... गाओ मसीह का प्यार जगत में ।
2.यीशु बिना उद्धार नहीं है,... कह दो यह ललकार जगत में ।
3.चेले हैं यदि यीशु मसीह के,... उस का करें स्वीकर जगत में ।
4.क्रूस के अनुपम प्रेम बराबर,... और नहीं हैं प्यार जगत में ।
5.निश्चय यह मानो तुम प्यारो,... मिलता है उद्धार मसीह में

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