‘‘क्योंकी यह तो हम से हो नहीं सकता कि जो हम ने देखाऔर सुना है वह न कहें ।’’ (प्रेरितों 4:20)
इंजील मुकद्दस को दुनिया में फैला देंगे,हर दिल में मसीहत की एक आग लगा देंगे ।।(2)
1.रहबर जो मसीहा है फिर जान का डर क्यों हो ?(2)मसीहा के बन्दों को शैतान का डर क्यों हो (2)हम प्यार मसीहा का हर दिल मेें बसा देंगे ।(2)
2.ताकत से मसीहा की इबलीस को मारेंगे,और जोश भरे दिल से हम नारे मारेंगे;हर कदम-कदम पर हम मसीह को पुकारेेंगे ।
3.यीशु मसीह, लोगों जब दुनिया में आएगा,शैतान ताबे जालिम इस दुनिया से जाएगा;मसीह-नाम का हम झण्डा दुनिया में लहरा देंगे ।
4.अखतर वह प्रीतम भी गुण उस के गाते हैं,और जोश भरे दिल से पैगाम सुनाते हैं;अब जाग उठे हैं हम कुछ कर के दिखा देंगे ।
5.हो जाएगी जब दुनिया आबाद मसीहियों की,गूंजेगी जमाने में आवाज मसीहियों की;हरदर्द भरे दिल को दिल शाद बना देंगे ।
‘‘मसीह की ओर ताकते रहें ।’’ ( इब्रानियों 12:2)
1.ताक मसीह की ओर तू दुःख से जो उदास,दुःखी वह भी हुआ, आ तू उस के पास;तेरा दुःख उठाया उस ने अपने पर,ताकि मसीह की ओर तू, उस पर आसरा धर ।
2.ताक मसीह की ओर, तू युद्ध में लड़नेहार;कठीन हो लड़ाई, झिलम है तैयार;बैरी बहुत होवें, कुछ न हो सहाय;ताक मसीह की ओर तू, वही देगा जय ।
3.ताक मसीह की ओर तू कुशल के समय,जागता रह कि सुख में जोखिम बड़ा है;कुशल इस संसार का मिटने वाला है,ताक मसीह की ओर तू, अटल वही है ।
4.ताक मसीह की ओर तू थका माँदा,मिलेगी मसीह पास शान्ति तुझ को;जेवनार तैयार है, शुद्ध कर अपने को,ताक मसीह की ओर तू, अनुगामी हो ।