"राज्य ... जो हिलने का नहीं |" (इब्रानियों 12:28)
प्रभु तेरा राज्य अटल है, नहीं टले सदा रहेगा ||
1.टल रहा है, जो कुछ जग में है ... हिल रहा है, पृथ्वी पर जो है,तेरा वचन नहीं टलेगा ... तेरा वचन अटल रहेगा |
2.जातियाँ सारी, अब जो हिलती हैं ... चारों दिशाओं में अशान्ति जो है,प्रभु का जन नहीं टलेगा ... प्रभु का जन अटल रहेगा |
3.समुद्र और स्थल आकाश भी कांपता ... मनुष्य का कार्य है डगमगाता,प्रभु का घर नहीं टलेगा ... प्रभु का घर अटल रहेगा |
4.राज्य ऐसा एक उदय होवेगा ... दूसरे राज्यों को चूर चूर करेगा,वही राज्य नहीं टलेगा ... बही राज्य अटल रहेगा |
5.प्रेमी पिता को यही भाया है ... अपने लोगों को राज्य देने को,प्रेम प्रभु का नहीं टलेगा ... प्रेम प्रभु का अटल रहेगा |