"मसीह हमारे लिए मरा |" (रोमियों Romans 5:8)
1.जीवन दिया मेरे लिए, जी उठा साथ रहने के लिए,सदा वह मुझ को ले चलता है, फिर से आता वह ले जाने के लिए |
यीशु काफी है, यीशु काफी है,हर दशा में, और परिस्थित में,मेरे जीवन में यीशु काफी है ||
2.शैतान की नाना परीक्षाओं में, कभी न मैं पीछे हटूँगा,संसार और शरीर मुझे खींचते हैं, उन की न सुनूँ मैं आगे बढूंगा |
3.हरी चराइयों मैं बैठता है, निर्मल सोते के पास ले चलता है,हर पल वह मुझ को तृप्त करता, मृत्यु की तराई में संभालता है |
4.चाहे मुझे सब छोड़ें, त्यागें, शरीर मेरा यदि सड़ भी जाएँ,धन-सम्पत्ति सब यदि दूर जाएँ, चाहे मेरे वे शत्रु बन जाएँ |