(भजन Psalm 34)
हर समय और हर हाल, सब परिस्थितियों में,भजूँगा अपने यीशु को मैं,मेरे जीवन का एक ही सहारा वह है,गाऊँगा गुण सदा यीशु के ||
1.प्रायश्चित वह मेरा है, उद्धार वह करता है,वह मुक्तिदाता है, उद्धार भी ठहरा है |
2.हे बालकों, सब आओ, प्रभु का दर्शन पाओ,और सीखते तुम जाओ, सेवा में लग जाओ |
3.दृष्टि प्रभु तेरी, धर्मी पर है लगी,सुनता है प्रभु तू, धर्मी की विनती भी |
4.नम्र और खेदित जन, के पास वह रहता है,सुन के दुआओं को, छुटकारा देता है |
5.धर्मी की छावनी की, दूत रक्षा है करता,उन को छुड़ाता, जोखिम से बचाता |
6.जिसने तुझे देखा, प्रकाशित हो गया,लज्जित वह न हुआ, आनन्द से भर गया |
7.आओ स्तुति करें, हम उसको सराहें,आओ दण्डवत भी करें, साष्टांग प्रणाम करें |